सांसद आदर्श ग्राम योजना

11 अक्टूबर, 2014 को लोक नायक श्री जयप्रकाश नारायण जी की जयंती के अवसर पर देश के ग्रामों के समग्र विकास की अवधारणा के साथ सांसद आदर्श ग्राम योजना लागू की गर्इ । योजना के तहत प्रत्येक सांसद को 2016 तक एक-एक ग्राम पंचायत और 2019 तक और दो-दो पंचायतों को चुनकर आदर्श ग्राम में तब्दील करना है। गांवों के चयन की प्रकि्रया पूरी होकर अब समयबद्ध कार्ययोजना के साथ प्रारंभ हुर्इ सांसद आदर्श ग्राम योजना मूर्तरूप ले रही है, इसके जरिये ग्राम पंचायतो के समग्र विकास में मददगार प्रकि्रयाओं में तेजी लाना और जीवन-स्तर और जीवन गुणवत्ता में पर्याप्त सुधार लाने की पहल हो गर्इ है। योजना में प्रदेश के 11 लोकसभा सांसद एवं 5 राज्यसभा सांसदों के द्वारा निम्नानुसार 16 ग्रामों का चयन किया जा चुका है :-

क्रं. मान. सांसद का नाम चयनित ग्राम विकासखण्ड जिला
लोकसभा सांसद
1 मान. श्री कमलभान सिंह करम्हा अंबिकापुर सरगुजा
2. मान. श्री विष्णुदेव साय भकर्ुरा लैलूंगा रायगढ़
3. मान. श्रीमती कमलादेवी पाटले जावलपुर बलौदा जांजगीर-चांपा
4 मान. श्री बंशीलाल महतो तिलकेजा कोरबा कोरबा
5 मान. श्री लखनलाल साहू हथनीकला पथरिया मुंगेली
6 मान. श्री अभिषेक सिंह गोटाटोला मोहला राजनांदगांव
7 मान. श्री ताम्रध्वज साहू मचांदुर दुर्ग दुर्ग
8 मान. श्री रमेश बैस गिरौद धरसींवा रायपुर
9 मान. श्री चंदुलाल साहू चर्रा कुरूद धमतरी
10 मान. श्री दिनेश कश्यप चपका बस्तर बस्तर
11 मान. श्री विक्रम उसेंडी छोटे कापसी कोयलीबेड़ा कांकेर
राज्यसभा सांसद
12 मान. श्री भूषणलाल जांगड़े पुरगांव बिलार्इगढ़ बलौदाबाजार
13 मान. श्री मोतीलाल वोरा मोहलार्इ दुर्ग दुर्ग
14 मान. श्री नंदकुमार साय जोरंडाझरिया फरसाबहार जशपुर
15 मान. श्री रणविजय सिंह जूदेव बटर्इकेला कांसाबेल जशपुर
16 मान. श्रीमती मोहसिना किदवर्इ कुल्हाड़ीघाट मैनपुर गरियाबंद

सांसद आदर्श ग्राम योजना के उददेश्य को प्राप्त करने के लिए 8 प्रमुख बिन्दु चिनिहत किये गये हैं- 1. उन्नत बुनियादी सुविधाएं, 2. अधिकतम उत्पादन, 3. बेहतर मानव विकास, 4. बेहतर आजीविका के अवसर, 5. असमानता में कमी, 6. अधिकार और हकदारी के लिए पहुंच दिलाना, 7. वृहत सामाजिक एकजुटता, 8. समृद्ध सामाजिक पूंजी का निर्माण शामिल है।

भारत सरकार ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा इस संबंध में जारी मार्गदर्शिका में आदर्श ग्राम के लिए जो मानक निर्धारित किये गये हैं, उन मानकों में प्रमुख रूप से आदर्श गांव वे गांव होंगे जिनमें उधोगों और सार्वजनिक उपक्रमों को आदर्श गांव के विकास से जोड़ने में अधिकारियों और सांसद की विशेष भूमिका होगी, जहां लोग स्वस्थ्य हों, जहां स्वरोजगार के अवसर हों, जहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ डाक्टर हों, जहां एक भी शाला त्यागी बच्चा न हो, जहां कुपोषण न हो, जहां किसी प्रकार का भेदभाव न हो, जहां साफ-सफार्इ हो, जहां यातायात की सुविधा हो, जहां महिलाओं का सम्मान हो, जहां सभी के पास आधार कार्ड व वोटर-आर्इ डी कार्ड हों, जहां वार्इ-फार्इ एवं इंटरनेट की सुविधा हो, जहां बैंक व ए.टी.एम. की सुविधा हो, गांव में सभी को आजीविका के साधन मिले।

सांसद आदर्श ग्राम योजना के जरिये समग्र विकास की अवधारणा को वैयकितक, आर्थिक, सामाजिक और मानव विकास से जोड़ा गया है। वैयकितक विकास के अन्तर्गत नैतिक मूल्य, साफ-सफार्इ, सांस्कृतिक विरासत और व्यवहार में परिवर्तन शामिल है। आर्थिक विकास के रूप में आजीविका कौशल, वित्तीय समावेषण और बुनियादी सुविधाएं और सेवाओं के विकास को शामिल किया गया है। मानव विकास में स्वयं सेवा, सामाजिक मूल्यनैतिकता सामाजिक न्याय और सुशासन को शामिल किया गया है।

समयबद्ध विकास को लेकर तैयार की गर्इ इस योजना में भारत सरकार से लेकर ग्राम सभा तक की भूमिका तय की गयी है। केन्द्र, राज्य, जिला और ग्राम स्तर पर अलग-अलग समितियां बनार्इ गर्इ है। प्रत्येक ग्राम के लिए एक-एक चार्ज आफिसर और कार्यदल का गठन किया गया है। जिला स्तर पर कलेक्टर को नोडल अधिकारी बनाते हुए प्रत्येक माह समीक्षा बैठक रखी गर्इ है। सांसद के सुझाव और ग्राम सभा के अनुमोदन से गांव की संभावनाओं, संपतितयों, संसाधनों और कमियों का बेस लार्इन सर्वे से प्राप्त जानकारी के आधार पर गांव के विकास की प्राथमिकताएं तय की जानी है। आदर्श ग्राम के लोगों को अपने गांव की ग्राम विकास योजना बनाने में सहयोग के लिए भारत सरकार की ओर से प्रशिक्षित प्रशिक्षकों का सहयोग भी प्राप्त हो रहा है। गांव के प्रतिषिठत, प्रभावी लोगों को नवरत्न के रूप में इस योजना के उत्प्रेरक, प्रेरणास्रोत के रूप में जोड़ा जा रहा है। गांव का प्रत्येक व्यकित अपने आपको इस योजना से जुड़ा पाकर अपने आपको स्टेक होल्डर महसूस करे, इसकी समझ विकसित करने के लिए गांव के समर्पित स्थानीय कार्यकर्ताओं, खेल संगठन, युवामंडल, भारत निर्माण से जुड़े युवाओं, एन.सी.सी., एन.एस.एस. से जुड़े छात्र-छात्राओं, विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना, महिला स्वसहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को जोड़कर कार्यदल तैयार किया गया है। जो गांव का माइंड सेट बदल रहा है, गांव में जातिगत भेदभाव को समाप्त करने, लिंग समानता के साथ सामाजिक न्याय की भावना विकसित करने की पहल की जा रही है।